
जिला संवाददाता सुखदेव कुमार आजाद की खास रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा जिले के चांपा कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग, मुख्यालय चांपा का कार्यालय के कर्मचारियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण भगवान भरोसे चलता नजर आ रहा है। यहां न तो कोई निर्धारित समय-सारणी का पालन किया जाता है और न ही कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है।
सूत्रों के अनुसार, कार्यालय में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी मनमाने ढंग से आते-जाते हैं। राठौर बाबू नामक एक कर्मचारी तो प्रतिदिन दोपहर 1 बजे कार्यालय पहुंचता है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का है। इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली से विभागीय कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और आम जनता को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्टर को लेना चाहिए संज्ञान
इस तरह की अनुशासनहीनता और मनमानी सरकारी कार्यसंस्कृति को प्रभावित कर रही है। सवाल यह उठता है कि जब उच्च अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होती, तो प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की उम्मीद कैसे की जा सकती है? जिला कलेक्टर को इस मामले का संज्ञान लेकर तत्काल जांच करवानी चाहिए और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
पत्रकार जनता में बढ़ रहा आक्रोश
जल संसाधन संभाग से जुड़े कई विकास कार्यों में देरी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह लापरवाही विभागीय कार्यों को ठप कर सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस कार्यालय में अनुशासन लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।








